


भागलपुर । सबौर महाविद्यालय के नवपदस्थापित प्रभारी प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने पदभार ग्रहण करते ही महाविद्यालय की भूमि संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक एवं विधिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की अधिसूचना संख्या 115/2026 के तहत उन्हें महाविद्यालय के प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
पदभार ग्रहण करने के बाद प्रो. झा ने सबसे पहले महाविद्यालय की भूमि से संबंधित अभिलेखों एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिवक्ता से प्राप्त की। इसके बाद विश्वविद्यालय के अभियंता, इस्टेट पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की।

भूमि विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने सबौर के अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी को महाविद्यालय बुलाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसी दौरान विपक्षी पक्ष द्वारा अमीन से भूमि की नापी कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी मिलने पर उसे तत्काल रुकवा दिया गया। साथ ही उन्होंने ई-मेल एवं दूरभाष के माध्यम से जिलाधिकारी, डीसीएलआर, अंचलाधिकारी सहित संबंधित जिला प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलाधिपति को भी पूरे प्रकरण की जानकारी दी जाएगी।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी तथा दोनों पक्षों की उपस्थिति में मामले पर चर्चा हुई। अंचलाधिकारी ने दोनों पक्षों को संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि अभिलेखों के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रभार ग्रहण करने पर महाविद्यालय परिवार की ओर से प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि सबौर महाविद्यालय में प्राचार्य के रूप में प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा का यह तीसरा कार्यकाल है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्टाफ काउंसिल की बैठक कर अपनी प्राथमिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर में शीघ्र ही सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय उनके लिए परिवार के समान है और संस्थान की गरिमा, संपत्ति एवं शैक्षणिक वातावरण की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से समन्वय और सहभागिता के साथ महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
















