


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि मेले से जुड़े सभी लंबित कार्य अगले एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं।
बैठक में दोनों प्रमंडलों के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस महानिरीक्षक, डीआईजी और रेलवे अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयुक्त ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए व्यापक तैयारियों की समीक्षा की।
प्रशासन ने पूरे कांवरिया पथ पर सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती, अस्थायी चिकित्सा केंद्र, एंबुलेंस, पेयजल, शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था को समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने चापाकलों की मरम्मत, नए चापाकलों की स्थापना और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
कांवरिया पथ पर बालू बिछाने का कार्य तय समय में पूरा करने, ढीले बिजली के तार हटाने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। भोजनालयों में खाद्य गुणवत्ता और निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों को कार्रवाई करने को कहा गया।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की तैनाती होगी, जबकि बांका के चांदन प्रखंड में विकसित किए जा रहे पार्किंग स्थल पर भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पर्यटन विभाग को टेंट सिटी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन का दावा है कि इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं से युक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग युद्धस्तर पर तैयारी में जुट गए हैं।

















