


प्रदीप विद्रोही।
भागलपुर। जिले के कहलगांव प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय मिर्धाचक आदिवासी टोला के प्रधान शिक्षक अर्जुन केशरी को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पटना की राज्यस्तरीय कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह कार्यशाला 5 और 6 अगस्त को आयोजित होगी, जिसमें Teaching at the Right Level (TaRL) कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित शैक्षणिक सामग्रियों का परीक्षण (Vetting) और परिष्करण किया जाएगा।
SCERT के निदेशक द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार, राज्यभर से केवल पाँच शिक्षकों और प्रशिक्षण महाविद्यालय के दो व्याख्याताओं का चयन किया गया है। इन चुनिंदा प्रतिभागियों में अर्जुन केशरी का शामिल होना कहलगांव क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यशाला में कक्षा 4 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार ASER Assessment Tool, Assessment Format, TaRL Teacher Manual, Story Book, Barahkhadi Cards, Barahkhadi Chart, Table Guide तथा ‘आओ खेलें’ जैसी गतिविधि-आधारित शिक्षण सामग्रियों की समीक्षा की जाएगी। प्रतिभागी अपने अनुभवों और सुझावों के आधार पर इन सामग्रियों को और प्रभावी बनाने में योगदान देंगे।
अर्जुन केशरी लंबे समय से गतिविधि आधारित, बाल-केंद्रित और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उनके विद्यालय में खेल-आधारित शिक्षण, कहानी वाचन, FLN गतिविधियों और कम लागत वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग को विशेष महत्व दिया जाता है।

















