


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सावन के पहले सोमवार को उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ से पहले भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। जिला पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने रविवार को श्रावणी मेला क्षेत्र का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी स्तर पर रियलिटी टेस्ट किया।
अधिकारियों ने नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट, कृष्णगढ़ चौक और धाधी बेलारी सहित प्रमुख स्थानों का निरीक्षण कर नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई, संसाधनों की उपलब्धता तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की उपस्थिति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान डाक बम पर्चा कटान व्यवस्था को श्रद्धालु-अनुकूल बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वहीं, मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या पर नजर रखने के लिए स्थापित ई-पीपल काउंटिंग मशीन की कार्यप्रणाली का भी परीक्षण किया गया और इसे लगातार सक्रिय रखने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं, प्राथमिक उपचार केंद्र, एंबुलेंस, ‘दीदी की रसोई’, सूचना केंद्र, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की भी बारीकी से समीक्षा की। संबंधित विभागों को पहले सोमवार से पहले सभी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित मेला अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया।
प्रशासन का मानना है कि पहले सोमवार को संभावित भीड़ को देखते हुए पूर्व तैयारी और लगातार निगरानी ही सफल एवं सुरक्षित श्रावणी मेला संचालन की सबसे बड़ी कुंजी होगी।
















