


भागलपुर को नवगछिया से जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तरी और दक्षिणी बिहार के बीच आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में समा जाने के बाद अब लोगों के लिए नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन बचा है।
भागलपुर से नवगछिया तथा कोसी-सीमांचल क्षेत्र जाने वाले यात्री जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे गंगा पार कर रहे हैं। जो दूरी पहले करीब 10 मिनट में पूरी हो जाती थी, अब उसी सफर में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

यात्रियों का आरोप है कि नाविकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जा रहा है। पहले जहां प्रति व्यक्ति लगभग 10 रुपये किराया लिया जाता था, वहीं अब 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे आम लोगों, खासकर छात्र-छात्राओं और रोजाना काम के सिलसिले में आवाजाही करने वालों की परेशानी बढ़ गई है।
लोगों ने जिला प्रशासन से निर्धारित रेट चार्ट लागू कराने और किराया नियंत्रण की मांग की है। वहीं ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने यात्रियों से ओवरलोडेड नाव पर सफर नहीं करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
पुल बंद रहने से क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोग जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।















