


नवगछिया। जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकवादियों और पाकिस्तानी घुसपैठियों का मुकाबला करते हुए देश की रक्षा में वीरगति प्राप्त करने वाले शहीद हवलदार अंकित कुमार यादव उर्फ धीरज की स्मृति में सधुआ चापर गांव में कैंडल मार्च निकाला गया। शहीद अंकित कुमार की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और हाथों में मोमबत्ती लेकर शहीद की शहादत को नमन किया।

कैंडल मार्च की शुरुआत शहीद अंकित कुमार के पैतृक आवास से हुई। ग्रामीण हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर चापर गांव, रंसीटोला और शिव मंदिर होते हुए पूरे सधुआ गांव का भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने शहीद अंकित कुमार की वीरता और देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया। वातावरण में देशभक्ति और श्रद्धा का भाव नजर आया। मार्च के दौरान ग्रामीणों ने शहीद के सम्मान में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी शहादत को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।
कैंडल मार्च का समापन एनएच-31 के किनारे स्थित शहीद अंकित कुमार के समाधि स्थल पर हुआ। यहां ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी और देश की रक्षा के लिए उनके त्याग एवं बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
शहीद अंकित कुमार यादव भारतीय सेना की 9वीं बटालियन, बिहार रेजिमेंट में हवलदार के पद पर तैनात थे। बताया गया कि जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकवादियों और पाकिस्तानी घुसपैठियों से मुकाबला करते हुए उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। शहीद के पार्थिव शरीर का 15 अगस्त 2025 को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।
कैंडल मार्च में सरपंच प्रतिनिधि ब्रजकिशोर यादव, श्याम लाल साह, शिक्षक मुकेश सिंह, अखिलेश यादव, सुनील कुमार यादव, मनोज शर्मा, सिकंदर रजक और जितेंद्र रजक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि शहीद अंकित कुमार की वीरता और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने शहीद की स्मृति को हमेशा जीवंत रखने और उनके बलिदान को सम्मान के साथ याद करने का संकल्प लिया।
















