


परिजनों का आरोप– बिना सुरक्षा उपकरण के कराया जा रहा था कार्य, समय पर इलाज नहीं मिलने से गई जान; मुआवजे व कार्रवाई की मांग

नवगछिया । नवगछिया अनुमंडल के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मदरौनी स्थित अर्जुन कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान इस्माईलपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर इस्माईलपुर निवासी हाकिम मंडल के 40 वर्षीय पुत्र मिथलेश मंडल के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिथलेश मंडल निर्माणाधीन भवन की तीसरी मंजिल पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूरों और कॉलेज कर्मियों की सहायता से उन्हें अनुमंडल अस्पताल नवगछिया लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की पत्नी किरण देवी बेसुध हो गईं। मिथलेश मंडल अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं। परिवार की आजीविका पूरी तरह उनकी मजदूरी पर निर्भर थी। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन एवं निर्माण कार्य से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मजदूरों से तीसरी मंजिल जैसी ऊंचाई पर बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, सुरक्षा जाल और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जा रहा था। उनका आरोप है कि यदि श्रम सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। उनका कहना है कि समय पर उपचार मिलता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना के विरोध में आक्रोशित परिजन शव लेकर कॉलेज परिसर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने, जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने जांच शुरू की
रंगरा थाना अध्यक्ष विश्व बंधु ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल भी अनुमंडल अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह हादसा निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। श्रम कानूनों के अनुसार ऊंचाई पर कार्य करने वाले मजदूरों को सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट, सुरक्षा जाल सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि जांच में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई संभव है।
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
















