


नवगछिया क्षेत्र में सोमवार को दिनभर भीषण उमस और गर्मी का असर बना रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग परेशान दिखे। चिपचिपी गर्मी के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। दिनभर बिजली की आंखमिचौली और उमस भरे मौसम ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
इसी बीच रात करीब 11 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ बादल घिर आए और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। तेज हवा और बारिश के कारण कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि बारिश के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया और ठंडी हवा चलने से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। देर रात तक लोग घरों की छतों और दरवाजों पर बैठकर सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए।

लेकिन जहां बारिश और ठंडी हवा ने आम लोगों को राहत पहुंचाई, वहीं किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी। तेज आंधी और बारिश से आम एवं लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा के झोंकों से कई पेड़ों की टहनियां टूट गईं और बड़ी मात्रा में लीची जमीन पर गिर गई। वहीं कई आम के पेड़ों से कच्चे और तैयार फल टूटकर नीचे गिर पड़े।
स्थानीय बागवानों ने बताया कि इस वर्ष आम और लीची की फसल काफी अच्छी थी और उत्पादन को लेकर किसानों में उत्साह था। कई किसान फसल तोड़कर बाजार भेजने की तैयारी में लगे हुए थे, लेकिन अचानक आए आंधी-पानी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह मौसम बिगड़ता रहा तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार कई बगीचों में पेड़ों की डालियां टूटने से फसल को काफी क्षति पहुंची है। खासकर लीची उत्पादकों को ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, क्योंकि तेज हवा के कारण बड़ी संख्या में पकी लीचियां पेड़ों से टूटकर गिर गईं।
हालांकि बारिश के बाद क्षेत्र के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम सुहावना हो गया है। लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, लेकिन किसानों और बागवानों के चेहरों पर नुकसान की चिंता साफ देखी जा रही है।















