


प्रदीप विद्रोही
सुल्तानगंज। इस बार श्रावणी मेले में सुल्तानगंज आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को केवल बाबा अजगैबीनाथ के दर्शन और उत्तरवाहिनी गंगा में पवित्र स्नान का ही अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का भी नया अनुभव मिलेगा। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा और ठहराव को ध्यान में रखते हुए स्विस कॉटेज और आकर्षक पर्यटन व्यवस्थाओं की शुरुआत की है।
उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्नान के बाद श्रद्धालु अब प्राकृतिक वातावरण के बीच आधुनिक सुविधाओं से लैस स्विस कॉटेज में विश्राम का आनंद ले सकेंगे। इन कॉटेज में आरामदायक आवास के साथ स्वच्छता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि धार्मिक यात्रा यादगार पर्यटन अनुभव में बदल सके।
पर्यटन विभाग ने इस वर्ष मेले को अधिक आकर्षक बनाने के लिए घाटों की विशेष सजावट, प्रकाश व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पर्यटक-अनुकूल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। उत्तरवाहिनी गंगा के तट का आध्यात्मिक वातावरण और आधुनिक व्यवस्थाओं का यह संगम श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर के लिए कांवड़ यात्रा शुरू करते हैं। इस बार पर्यटन विभाग की नई पहल का उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत का भी आनंद ले सकें।
आस्था, आध्यात्म और आधुनिक सुविधाओं के समागम के साथ सुल्तानगंज इस बार श्रद्धालुओं के लिए केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि यादगार पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी नई पहचान बना रहा है।

















