


टीम समाधान दूसरे और बेस्टोर तीसरे स्थान पर रही, 22 छात्र टीमों ने लिया हिस्सा
पूर्णिया । विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीवीआईटी), पूर्णिया में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के अंतर्गत ‘इंटरनल हैकाथॉन – ए कैंपस इनोवेशन फेस्ट’ का दो दिवसीय सफल आयोजन 26 एवं 27 अगस्त 2026 को किया गया। ‘इनोवेट, कोलैबोरेट, ट्रांसफॉर्म इंडिया’ थीम पर आयोजित इस हैकाथॉन में संस्थान की 22 छात्र टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने वास्तविक जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की पहचान कर उनके तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का उद्घाटन वीवीआईटी के चेयरमैन राजेश चंद्र मिश्रा ने किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक और नवाचार की शुरुआत केवल बड़े शहरों से ही नहीं होती, बल्कि छोटे शहरों और गांवों से भी एक विचार के रूप में इसकी शुरुआत हो सकती है। विद्यार्थियों को अपने विचार पर पूरी लगन और मेहनत के साथ काम करते हुए उसे वास्तविक एवं उपयोगी समाधान में बदलने का प्रयास करना चाहिए।
उद्घाटन समारोह में संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. सुजीत कुमार, रजिस्ट्रार सौरभ कुमार, सहायक रजिस्ट्रार गौरव कुमार, डीन डॉ. हेमंत कुमार, स्कूल ऑफ कोर स्टडीज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. अनिकेत मानस सहित संस्थान के अन्य पदाधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। संस्थान के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को नवाचार, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी छात्र टीमों ने निर्धारित समय में अपने प्रोजेक्ट पर काम किया और प्रस्तुत किए गए विचारों एवं समाधानों को निर्णायक मंडल के समक्ष रखा। टीमों द्वारा विकसित प्रोजेक्ट का मूल्यांकन उनकी नवाचार क्षमता, तकनीकी समाधान, प्रस्तुतीकरण, व्यावहारिक उपयोगिता और समस्या-समाधान क्षमता के आधार पर किया गया।
प्रतियोगिता के परिणाम में टीम पाईक्राफ्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम समाधान दूसरे स्थान पर रही, जबकि टीम बेस्टोर ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेता एवं चयनित टीमों को उनके बेहतर नवाचार, तकनीकी समाधान और प्रभावी प्रस्तुतीकरण के लिए सम्मानित किया गया।
इंजीनियर अभिषेक प्रसून के नेतृत्व में हुआ आयोजन
दो दिवसीय इंटरनल हैकाथॉन का सफल संचालन स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग के वाइस प्रिंसिपल इंजीनियर अभिषेक प्रसून के नेतृत्व में किया गया। आयोजन में सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (एसपीओसी) की भूमिका इंजीनियर कौशिक कुमार ने निभाई। तकनीकी टीम में अमन कुमार, अभिनीत प्रसून, सुजीत कुमार, प्रसन्नजीत घोष एवं पप्पू जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न छात्र टीमों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन एवं समीक्षा जूरी सदस्यों द्वारा की गई। जूरी में अभिषेक प्रसून, संजय कुमार, कुमार विशाल, प्रसन्नजीत घोष, शिरशेंदु राय एवं कौशिक कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। प्रारंभिक समीक्षा के बाद चयनित टीमों ने अपने समाधान का विस्तृत प्रेजेंटेशन निर्णायक मंडल के समक्ष दिया।
श्री प्रमोद कुमार झा ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन वीवीआईटी के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर प्रमोद कुमार झा ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों एवं गतिविधियों का कुशलतापूर्वक संचालन करते हुए आयोजन को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया।
व्यवस्था एवं आतिथ्य में रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम की सुचारु व्यवस्था में कैंपस मैनेजर शरद चंद्र पांडेय एवं सहायक कैंपस मैनेजर अक्षय कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समन्वय से आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।
वहीं, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था मेस मैनेजर मुकेश एवं उनकी टीम द्वारा की गई। भोजन एवं अन्य आतिथ्य व्यवस्थाओं को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मेस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
चयनित टीमों को किया गया सम्मानित
हैकाथॉन में चयनित टीमों को बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, कैबिनेट मंत्री लेसी सिंह एवं दिलीप जायसवाल द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और उन्हें तकनीकी एवं नवाचार से जुड़े अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।
वीवीआईटी प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा-कक्ष की शिक्षा से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं पर काम करने, टीम के साथ समाधान विकसित करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं।

हैकाथॉन के सफल आयोजन में संस्थान के प्रबंधन, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, तकनीकी टीम, समन्वयकों एवं विद्यार्थियों का सामूहिक योगदान रहा। दो दिवसीय आयोजन ने वीवीआईटी में नवाचार, तकनीकी शिक्षा, रचनात्मकता, टीमवर्क एवं उद्यमिता की संस्कृति को और मजबूत किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि नवाचार केवल नया विचार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस विचार को तकनीक, मेहनत और टीमवर्क के माध्यम से समाज के लिए उपयोगी समाधान में बदलना ही वास्तविक नवाचार है।
















