


@ रंगरा प्रखंड की बनिया बैसी पंचायत में बुढ़िया बांध (सादोपुर रिंग बांध) पर करीब 20 फीट का कटाव सामने आया है। यहां बांध को और कमजोर होने से बचाने के लिए डॉवल निर्माण, बांस पाइलिंग, एनसी कार्य और बालू से भरे बोरे लगाने का काम चल रहा है।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा और सहायक नदियों के बढ़ते पानी के बीच भागलपुर के तटबंधों पर अब हर पल नजर है। कहीं बांध में 20 फीट तक कटाव ने खतरा बढ़ाया है तो कहीं रात में पैदा हुई स्थिति को तत्काल नियंत्रित करना पड़ा। ऐसे संवेदनशील हालात में शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा खुद प्रभावित तटबंधों पर पहुंचे और बचाव की तैयारियों का जायजा लिया। आयुक्त ने रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के कई संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। उनके साथ जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया के एसपी और एसडीओ समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कटाव वाले हिस्सों की स्थिति, बांध की मजबूती और वहां चल रहे निरोधात्मक कार्यों की जानकारी दी।
रंगरा प्रखंड की बनिया बैसी पंचायत में बुढ़िया बांध (सादोपुर रिंग बांध) पर करीब 20 फीट का कटाव सामने आया है। यहां बांध को और कमजोर होने से बचाने के लिए डॉवल निर्माण, बांस पाइलिंग, एनसी कार्य और बालू से भरे बोरे लगाने का काम चल रहा है। नदी की तरफ से दबाव कम करने के लिए प्लास्टिक शीट की परत लगाकर उसके ऊपर बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। वहीं बांध के ऊपर से पानी बहने की स्थिति यानी ओवरटॉपिंग को नियंत्रित करने के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।
धोबिनिया बांध (कलबलिया नदी) का भी आयुक्त ने निरीक्षण किया और वहां की स्थिति की जानकारी ली।
ब्रह्मोत्तर बांध पर रात में पैदा हुई स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। मौके पर आयुक्त ने तकनीकी टीम से पूछा कि अब बांध की स्थिति कैसी है और खतरे को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।
बांधों को संभालने में जल संसाधन विभाग की टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की भी आयुक्त ने सराहना की। बाढ़ के बीच ग्रामीणों और विभागीय टीमों की यह साझी कोशिश तटबंधों की सुरक्षा में अहम साबित हो रही है।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों और अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ बचाव और सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।
तटबंध के साथ प्रभावित बस्तियों पर भी नजर
प्रशासन की निगरानी सिर्फ तटबंधों तक सीमित नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय हैं। बांध में हर नया कटाव संभावित खतरे का संकेत है और हर बोरा, बांस की पाइलिंग और सुरक्षात्मक परत उस खतरे को रोकने की कोशिश। बाढ़ के बीच भागलपुर में तटबंधों को बचाने की यह कवायद लगातार जारी है।

















