



भागलपुर। भागलपुर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) प्रदीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों का व्यापक भ्रमण कर विभागीय विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और स्थानीय बाजार व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में एक विकसित ग्रामीण हाट की स्थापना को जिला प्रशासन की प्राथमिकता बताया।
डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीण हाट स्थानीय व्यापार, रोजगार और आजीविका का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। इनके समुचित विकास से छोटे व्यापारियों, किसानों और स्ट्रीट वेंडरों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाटों में स्ट्रीट वेंडरों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें पक्के शेड, पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा और सुव्यवस्थित स्थान शामिल हैं। इससे वे सम्मान और गरिमा के साथ अपना व्यवसाय कर सकेंगे।

इस क्रम में डीडीसी ने सबौर प्रखंड में ग्रामीण बाजार हाट निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को शीघ्र लाभ मिले और बाजार गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
इसके पश्चात डीडीसी ने अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया के साथ नवगछिया का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जगतपुर झील से जुड़े विकासात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण कर क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जाए।

डीडीसी ने नवगछिया के खगरा क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां ग्रामीण हाट के लिए चिन्हित भूमि का जायजा लिया। उन्होंने भूमि की उपयुक्तता, पहुंच मार्ग और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने खरीक प्रखंड के खरीक बाजार का दौरा कर वहां ग्रामीण हाट हेतु चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भूमि चयन के साथ-साथ यातायात, सुरक्षा और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हाट का विकास किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ आम लोगों को मिल सके।
डीडीसी ने कहा कि ग्रामीण हाटों के विकास, जलाशयों के सौंदर्यीकरण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन विकास कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।














