



भागलपुर । भागलपुर के समीक्षा भवन में एसी/डीसी बिल एवं लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र के समायोजन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समीक्षा भवन में उपस्थित तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों का जिलाधिकारी द्वारा स्वागत किया गया, जिसके पश्चात लंबित डीसी एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र की विस्तृत समीक्षा प्रारंभ की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के 59 निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के स्तर पर लगभग 65 करोड़ रुपये के डीसी विपत्र लंबित हैं। वहीं जिले के कुल 62 निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के स्तर पर लगभग 293 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधित विभागों एवं महालेखाकार कार्यालय को उपलब्ध कराए जाना शेष है। उन्होंने निकासी एवं व्ययन पदाधिकारीवार लंबित डीसी विपत्र एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि वित्त विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 12926 दिनांक 19 दिसंबर 2025 के आलोक में 01 अप्रैल 2019 के बाद की अवधि के डीसी विपत्र एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र सीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन समर्पित करने में आ रही तकनीकी कठिनाइयों के कारण अब इन्हें ऑफलाइन माध्यम से एसी/डीसी यूसी संग्रहण केंद्र, वित्त विभाग, बिहार, पटना के जरिए महालेखाकार कार्यालय को समायोजन हेतु भेजा जाएगा। वहीं 01 अप्रैल 2019 के पूर्व की अवधि के डीसी विपत्र एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र पूर्व की भांति ऑफलाइन माध्यम से ही महालेखाकार कार्यालय को प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर ने ऑनलाइन यूसी सबमिट करने में आ रही तकनीकी समस्याओं की जानकारी दी, जिसके समाधान हेतु टिकट दर्ज किए जाने की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार अब ऑफलाइन माध्यम से डीसी एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र 48 घंटे के भीतर महालेखाकार कार्यालय को समर्पित करना सुनिश्चित किया जाए।

जिला कल्याण कार्यालय की ओर से बताया गया कि उनके यहां से संबंधित सभी अभिलेख सृजन कांड से जुड़े होने के कारण सीबीआई के पास हैं, जिससे डीसी विपत्र तैयार करने में कठिनाई हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सीबीआई कार्यालय से समन्वय स्थापित कर अभिलेख प्राप्त करते हुए डीसी विपत्र तैयार करने का निर्देश दिया।
जिला स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधि ने बताया कि उनके द्वारा डीसी विपत्र पूर्व में महालेखाकार कार्यालय को समर्पित किए गए थे, किंतु कुछ आपत्तियों के साथ वापस कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि डीसी विपत्र के साथ मांगे गए बीटीसी फॉर्म-278/81 एवं 27सी/सी1 संलग्न कर 24 घंटे के भीतर महालेखाकार कार्यालय में पुनः समर्पित करना सुनिश्चित करें।
बैठक में कई निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि उनके द्वारा डीसी विपत्र एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र पूर्व में ही विभाग एवं महालेखाकार कार्यालय में जमा कराए जा चुके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभाग तथा महालेखाकार कार्यालय से समन्वय स्थापित कर 23 दिसंबर 2025 तक सभी लंबित डीसी विपत्र एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्रों का समायोजन सुनिश्चित करें।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिले के 13 डीडीओ के यहां कुल लंबित डीसी विपत्र की राशि का लगभग 90 प्रतिशत तथा 13 डीडीओ के स्तर पर कुल लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र की लगभग 95 प्रतिशत राशि सन्निहित है। इनमें प्रमुख रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी, जलानेचि महाविद्यालय के प्राचार्य, जलानेचि महाविद्यालय एवं अस्पताल के अधीक्षक, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, भागलपुर शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिनके अधीन प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी अथवा कार्यालय हैं, वे अपने कार्यालयों की कार्य गुणवत्ता में शीघ्र सुधार सुनिश्चित करें, क्योंकि 2 जनवरी 2026 से वृहद निरीक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ निरीक्षण पर निकलेंगे और निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्तर पर खामी पाई गई तो संबंधित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय संस्था तथा जिला स्तरीय पदाधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस निरीक्षण अभियान के अंतर्गत सभी शिक्षण संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल, पैक्स, पंचायत सरकार भवन, आरपीएस केंद्र, पीडीएस डीलर सहित कृषि, पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य, सहकारिता विभागों के अंतर्गत आने वाले संस्थानों की जांच की जाएगी। इसके अलावा सड़क, पुल-पुलिया, तालाब एवं भवनों का भी निरीक्षण किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को समय रहते अपने अधीनस्थ संस्थानों को सुव्यवस्थित एवं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।














