



नवगछिया: गंगा और कोसी के बीच स्थित माँ बिहुला विषहरी की जागृत भूमि पर गुरुवार को अपनी संस्कृति और धरोहर को लेकर परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी रामचन्द्राचार्य जी महाराज (स्वामी आगमानंद जी महाराज) के सानिध्य में धर्म और संस्कृति पर विशेष चर्चा होगी।
तुलसी दिवस के खास अवसर पर भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। बाल भारती गौशाला रोड, नवगछिया में कार्यक्रम को लेकर व्यापक और भव्य तैयारी की जा रही है।

विधान सिंह राजपूत ने बताया कि नवगछिया की पवित्र भूमि पर सनातन संस्कृति और स्थानीय धरोहर पर परिचर्चा का उद्देश्य क्षेत्र की सभी सामाजिक संस्थाओं को एक सूत्र में बांधना और सामाजिक कार्यों को प्रोत्साहित करना है।
नवगछिया विकास समिति के संयोजक मुकेश राणा ने इस परिचर्चा को ऐतिहासिक क्षण बताया और अपील की कि माँ बिहुला की गाथा जन-जन तक पहुंचे, इसलिए सभी सामाजिक संस्थाओं के सदस्य और स्थानीय लोग कार्यक्रम में भाग लें।

इस कार्यक्रम का आयोजन नवगछिया विकास समिति एवं बाल भारती विद्यालय द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में शिव शक्ति योगपीठ, नवगछिया से जुड़े भक्त जैसे चन्द्रगुप्त साह, संजीव भगत, डॉ. अनंत विक्रम, मन्टू साहू, श्रीधर महाराज, संतोष गुप्ता, पंकज कुमार भारती, वरुण बाबुल, नीरज कुमार, कुन्दन सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, शरद योगी, अनीश यादव, अजय जायसवाल सहित सैकड़ों भक्त उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि माँ बिहुला की गाथा और नवगछिया की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करना युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।















