


भागलपुर : आस्था के महापर्व चैती छठ के दूसरे दिन सोमवार को खरना के अवसर पर भागलपुर के बरारी सीढ़ी घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही छठ व्रती गंगा घाट पर पहुंचकर पवित्र स्नान करते नजर आए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद व्रती गंगाजल भरकर अपने-अपने घरों के लिए रवाना हुए।
खरना के दिन छठ व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं और शाम के समय मिट्टी के चूल्हे पर गन्ने के रस से बनी खीर एवं रोटी तैयार कर सूर्य भगवान को अर्पित करते हैं। प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत का संकल्प लेते हैं, जो इस पर्व की विशेषता है।
छठ महापर्व के तीसरे दिन 24 मार्च को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर इस पावन पर्व का समापन होगा। मान्यता है कि छठ पूजा सूर्य देव एवं छठी मैया की आराधना का महापर्व है, जिसे परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और संतान की मंगलकामना के लिए किया जाता है।
इस दौरान गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। बाजारों में भी छठ पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और खरीदारी की रौनक बढ़ गई है।
गंगा घाट पर स्नान करने पहुंची एक व्रती श्वेता भारती ने बताया कि वह कई वर्षों से छठ व्रत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छठ मैया की कृपा से उनकी मनोकामना पूरी हुई है, जिसके चलते इस वर्ष वह विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा कर रही हैं।
वहीं प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एसडीआरएफ टीम और आपदा मित्रों को घाटों पर तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। हवलदार संजू सुमन, नवीन कुमार सहित अन्य आपदा मित्र पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते नजर आए।
छठ महापर्व को लेकर भागलपुर में आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।













