


भागलपुर।
बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए एफसीएम (Ferric Carboxymaltose) थेरेपी इनिशिएटिव का लाभ अब जिलों तक पहुंचने लगा है। इसी क्रम में भागलपुर के मॉडल सदर अस्पताल में गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं का प्रभावी उपचार किया गया है।
सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि एफसीएम थेरेपी के तहत दर्जनों महिलाओं का सफल इलाज किया गया है। उन्होंने कहा, “यह थेरेपी आयरन की कमी से होने वाले गंभीर एनीमिया के उपचार में काफी कारगर साबित हो रही है। जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर अत्यंत कम था, उन्हें इस आधुनिक पद्धति से उपचार देकर तेजी से सुधार लाने का प्रयास किया गया है।”
डॉ. राजू कुमार ने आगे बताया कि इस पहल से विशेष रूप से गर्भवती एवं कमजोर महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। समय पर उपचार मिलने से जटिलताओं के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एफसीएम थेरेपी इनिशिएटिव के माध्यम से राज्य में एनीमिया की समस्या को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस योजना से अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य में व्यापक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक चिकित्सा पद्धति और सरकारी पहल से मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।













