


भागलपुर।
रामनवमी के पावन अवसर पर भागलपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में हनुमान जी की पूजा-अर्चना श्रद्धा और उल्लास के साथ की गई। इस दौरान कच्चे बाँस पर रोड़ी, चंदन और सिंदूर लगाकर हनुमान ध्वज (महावीरी पताका) की विशेष पूजा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
सुबह से ही शहर के विभिन्न हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने बजरंगबली को सिंदूर अर्पित किया, चमेली तेल, फूल-माला एवं प्रसाद चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कच्चे बाँस को पवित्र कर उस पर रोड़ी-चंदन और सिंदूर लगाया जाता है, फिर उस पर हनुमान ध्वज बांधकर पूजा की जाती है। इसके बाद श्रद्धालु इस ध्वज को अपने घरों, मंदिरों और अन्य स्थानों पर स्थापित करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस विधि से ध्वज पूजन करने पर सभी संकट दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
नाथनगर, सबौर, बरारी, तिलकामांझी सहित कई इलाकों में उत्साहपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। जगह-जगह हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का सामूहिक पाठ भी हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच ध्वज स्थापना का दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने रामनवमी के पर्व को और भी खास बना दिया।













