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महानवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, परंपरा के साथ सामाजिक संदेश बना आकर्षण का केंद्र

जीएस न्यूज़ | नवगछिया

नवगछिया के शहीद टोला स्थित चैती दुर्गा मंदिर में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर इस वर्ष भी वर्षों पुरानी परंपरा का भव्य आयोजन किया गया। महानवमी के दिन यहां कुमारी कन्याओं का विशेष पूजन, हवन और विशाल भोजन वितरण कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का सशक्त संदेश भी दिया।

मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके अंतर्गत पहले विशेष हवन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इसके उपरांत मां दुर्गा की भव्य आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माता रानी से सुख-समृद्धि की कामना की।

आरती के बाद कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों एवं गांवों से आई करीब 501 से अधिक कुमारी कन्याओं को विधि-विधान के साथ मंदिर में बैठाकर उनका पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण स्पर्श कर उन्हें देवी का स्वरूप मानते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।

पूजन के उपरांत सभी कन्याओं को ससम्मान भोजन कराया गया। भोजन के दौरान व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित रही कि एक साथ बड़ी संख्या में कन्याओं को बिना किसी अव्यवस्था के प्रसाद ग्रहण कराया गया। इस दृश्य ने वहां उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और पूरे वातावरण को श्रद्धा से भर दिया।

इस आयोजन की सबसे खास और सराहनीय पहल यह रही कि कन्याओं को भोजन के साथ-साथ विदाई के समय शैक्षणिक सामग्री भी भेंट की गई। उन्हें कॉपी, कलम, किताब, चॉकलेट और बिस्कुट देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों का मानना है कि इससे बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है और वे शिक्षा के महत्व को समझते हैं।

मंदिर के पुजारी पंडित अजीत पांडे ने इस अवसर पर बताया कि यह परंपरा स्वामी आगमानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में कई वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। उन्होंने कहा, “कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की संस्कृति और संस्कार का प्रतीक है। मां दुर्गा हर कन्या में विराजमान हैं। जब हम कन्याओं का पूजन करते हैं, तो हम साक्षात देवी की आराधना करते हैं। साथ ही, बच्चों को शैक्षणिक सामग्री देकर हम यह प्रयास करते हैं कि मां सरस्वती की कृपा उन पर बनी रहे और वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें।”

वहीं, चैती दुर्गा पूजा समिति शहीद टोला के अध्यक्ष संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि समिति हर वर्ष इस आयोजन को और अधिक भव्य बनाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा, “हमारी समिति का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि समाज को एक सकारात्मक दिशा देना भी है। इस बार 501 से अधिक कन्याओं का पूजन और भोजन कराया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। बच्चों को शैक्षणिक सामग्री देना हमारे लिए गर्व की बात है, क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर समाज और देश का भविष्य बनेंगे।”

कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, उल्लास और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे आयोजन को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। जगह-जगह भक्ति गीतों की गूंज और जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को संस्कार और शिक्षा से जोड़ने का काम करते हैं। कई अभिभावकों ने भी बताया कि बच्चों को इस तरह सम्मानित होते देख उनमें पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ा है।

समापन के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब परंपरा और सामाजिक सोच का संगम होता है, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की नई राह खुलती है।

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