


बोले— जनसेवा और सौहार्द की मिसाल थे मंसूर आलम
पूर्णिया । सीमांचल सद्भावना मंच की ओर से कटिहार टाउन हॉल में आयोजित मरहूम पूर्व मंत्री मंसूर आलम की स्मृति में “खिराज-ए-खिदमत” (श्रद्धांजलि सभा) कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे भारत सरकार के पूर्व विदेश एवं विधि मंत्री सलमान खुर्शीद का पूर्णिया आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। पूर्णिया हवाई अड्डे पर सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
पूर्णिया पहुंचने के बाद सलमान खुर्शीद शिवनगर, खुश्कीबाग स्थित महापौर विभा कुमारी एवं पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव के आवास पहुंचे। यहां महापौर विभा कुमारी ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों एवं परिजनों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास, सामाजिक सौहार्द एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद वे कटिहार स्थित कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए, जहां उनके साथ जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे।
कटिहार टाउन हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि मरहूम मंसूर आलम केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सद्भाव और जनसेवा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों की सेवा में समर्पित कर दिया। ऐसे व्यक्तित्व समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। ऐसे दौर में मंसूर आलम जैसे नेताओं के विचार और आदर्श हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति एवं जन्नत नसीब होने की दुआ करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान सलमान खुर्शीद ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और कोसी-सीमांचल क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने तथा सामाजिक सौहार्द, विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने कहा कि बचपन से वे मंसूर आलम साहब के जनसेवा और गरीबों के प्रति समर्पण की कहानियां सुनते आए हैं। निकट से उन्हें जानने के बाद यह महसूस हुआ कि वे वास्तव में आम लोगों के नेता और गरीबों के सच्चे हमदर्द थे। उन्होंने कहा कि मंसूर आलम साहब बेदाग राजनीति, सादगी और जनसमर्पण का पर्याय थे तथा उनका निधन सीमांचल की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कटिहार सांसद तारीक अनवर, किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद, पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. अशफाक करीम, अमौर विधायक अख्तरुल ईमान, जोकीहाट विधायक मुर्शीद आलम, पूर्व मंत्री अफाक आलम, पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, किशनगंज के पूर्व विधायक इजहारुल हुसैन सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी वक्ताओं ने मरहूम मंसूर आलम के सामाजिक योगदान, जनसेवा, सौहार्दपूर्ण राजनीति और मानवीय मूल्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
















