


श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा, 203 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास
भागलपुर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में आयोजित बैठक में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों एवं विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह सुचारू होने तक आम लोगों से नाव सेवा के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही निजी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूलने पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य में तेजी लाई जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सेतु के पुनर्स्थापन कार्य के बाद इसका उद्घाटन किया जाएगा तथा क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिलेगी।
बैठक में श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेला क्षेत्र में स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को कांवरिया पथ की मरम्मत, जर्जर बिजली तारों के बदलाव, बंद पड़े चापाकलों को चालू कराने तथा मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच और आपदा संबंधी सूचनाओं के त्वरित प्रसारण की व्यवस्था करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने भागलपुर एवं मुंगेर गंगा पथ परियोजना, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन तथा भूमि अधिग्रहण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने समाहरणालय परिसर में 203 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 84 विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक से पहले विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य का स्थल निरीक्षण भी किया तथा अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में पथ निर्माण मंत्री इं. शैलेंद्र, सांसद अजय कुमार मंडल, सांसद गिरधारी यादव, विभिन्न विधायक, विधान पार्षद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
















