


मीडिया से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर अब औद्योगिक निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल जिला बनकर उभर रहा है। जिले में कोयला भंडार की खोज, गंगा नदी के रूप में उपलब्ध प्रचुर जल संसाधन तथा पहले से मौजूद ऊर्जा अवसंरचना विकास की संभावनाओं को और अधिक मजबूत बना रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े उद्योग की स्थापना के लिए ऊर्जा, पानी और संसाधनों की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण होती है और भागलपुर इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है।

डॉ. चौधरी ने बताया कि कहलगांव स्थित एनटीपीसी देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में शामिल है, जबकि पीरपैंती में भी एक बड़े पावर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में जिले में उपलब्ध होने वाला कोयला स्थानीय स्तर पर ऊर्जा उत्पादन में उपयोग किया जा सकेगा, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक परियोजना से संबंधित प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं की राज्य सरकार द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। बिहार के मुख्य सचिव स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से मांगी गई सभी आवश्यक रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा चुकी हैं तथा टेंडर प्रक्रिया भी निर्धारित चरणों के अनुसार आगे बढ़ रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना निवेशकों के लिए किसी “गोल्डन चांस” से कम नहीं है। कहलगांव क्षेत्र पहले से ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र रहा है और अब कोल ब्लॉक की खोज तथा प्रस्तावित पीरपैंती पावर प्लांट के साथ यह इलाका बड़े औद्योगिक निवेश का नया हब बन सकता है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि कोयला भंडार की खोज भागलपुर के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना जिले की विकास यात्रा को नई गति देने के साथ-साथ भागलपुर को बिहार के प्रमुख औद्योगिक जिलों में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से यह परियोजना शीघ्र धरातल पर उतरेगी और भागलपुर के विकास की नई कहानी लिखेगी। उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक की खोज केवल एक संसाधन की उपलब्धता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की मजबूत नींव है।

















