


भागलपुर । भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। बिहार सरकार के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर पूर्वी एवं पश्चिमी की ओर से जिले के विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत के लिए व्यापक अभियान चलाया गया, जिसके तहत गुरुवार को एक ही दिन में 78 चापाकलों को मरम्मत कर पुनः चालू कर दिया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है।

मरम्मत कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए जिलेभर में कुल 31 विशेष मरम्मति दलों को लगाया गया था। इन टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर खराब चापाकलों की जांच की और आवश्यक तकनीकी मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कराया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
विभाग ने अभियान के दौरान सात ऐसे चापाकलों की भी पहचान की है जो पूरी तरह से डिफंक्ट हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत संभव नहीं है। ऐसे चापाकलों के प्रतिस्थापन तथा आवश्यक तकनीकी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि संबंधित क्षेत्रों में जल्द से जल्द नई पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।
प्रखंडवार आंकड़ों पर नजर डालें तो शाहकुंड और गोराडीह प्रखंड में सर्वाधिक क्रमशः नौ और आठ चापाकलों की मरम्मत की गई। इसके अलावा जगदीशपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, नाथनगर सहित जिले के अन्य प्रखंडों में भी खराब चापाकलों को दुरुस्त कर लोगों को राहत पहुंचाई गई।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में पेयजल की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए विभाग पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा सभी खराब चापाकलों की नियमित निगरानी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चापाकलों की मरम्मत, जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी तथा पेयजल स्रोतों के रखरखाव का कार्य लगातार जारी है। विभाग ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और जहां कहीं भी पेयजल संबंधी समस्या सामने आएगी, उसका त्वरित समाधान किया जाएगा।
















