


भागलपुर । बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने की दिशा में मध निषेध विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र स्थित मुरली पहाड़ पर बड़ी मात्रा में जब्त शराब का विनष्टीकरण किया गया। मध निषेध विभाग की निगरानी में 12 विभिन्न थाना क्षेत्रों से जब्त कुल 1115 लीटर शराब को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया।

मध निषेध विभाग के थानाध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत शराबबंदी कानून के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जब्त की गई शराब को एकत्र कर मुरली पहाड़ लाया गया था। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गड्ढा खोदकर शराब को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
विभागीय जानकारी के अनुसार पीरपैंती, बाखरपुर, ईशीपुर, एकचारी, शिवनारायणपुर, कहलगांव, अंतिचक, एनटीपीसी थाना, सनोखर, बुद्धिचक, सन्हौला एवं आमडंडा थाना क्षेत्रों में छापेमारी और विशेष अभियान के दौरान बरामद शराब को विनष्टीकरण के लिए रखा गया था।
कार्रवाई के दौरान कुल 808 लीटर देशी शराब एवं 307 लीटर विदेशी शराब सहित 1115 लीटर अवैध शराब को नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त शराब का विनष्टीकरण न्यायालय और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाता है, ताकि अवैध शराब के दोबारा उपयोग या दुरुपयोग की किसी भी संभावना को समाप्त किया जा सके।
विनष्टीकरण कार्य की निगरानी के लिए दंडाधिकारी के रूप में मनीष कुमार की प्रतिनियुक्ति की गई थी। हालांकि विनष्टीकरण के समय वे मौके पर उपस्थित नहीं थे, फिर भी विभागीय टीम ने सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
मध निषेध थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार की शराबबंदी नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिलेभर में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या मध निषेध विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर शराबबंदी कानून को सफल बनाया जा सके।
इस अवसर पर मध निषेध विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। विभाग की इस कार्रवाई को शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















