


नवगछिया । नवगछिया थाना क्षेत्र के तेतरी गांव में पारिवारिक विवाद का मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। गांव निवासी वैभव कुमार ने अपने चाचा-चाची समेत अन्य लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए नवगछिया के पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का दावा है कि लगातार मिल रही धमकियों और भय के कारण वह अपनी पत्नी के साथ घर छोड़कर दूसरे स्थान पर शरण लेने को विवश हैं।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में वैभव कुमार ने बताया है कि 4 जून की रात करीब 10 बजे उनके चाचा नीरज कुमार राय, सुनीता देवी तथा विंध्यवासिनी उर्फ मोना देवी उनके घर पहुंचे और उनके तथा उनकी पत्नी सृष्टि कुमारी के साथ मारपीट की। आवेदन के अनुसार आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी तथा घर का बिजली कनेक्शन भी काट दिया, जिससे परिवार में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह विवाद कोई नई घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से उनका परिवार प्रताड़ना झेल रहा है। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि पूर्व में उनकी मां के साथ भी मारपीट की गई थी और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया था। वैभव कुमार का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण उनका परिवार मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में जीवन जीने को मजबूर है।

घटना के बाद वैभव कुमार ने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तथा उनकी पत्नी को नवगछिया थाना ले गई। वहां उन्होंने थाना अध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनका विश्वास डगमगाने लगा है।
दंपति का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। आरोपितों के भय से वे फिलहाल दूसरे के घर में रहकर जीवनयापन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में कोई गंभीर घटना घट सकती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

मामले के संबंध में पूछे जाने पर नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
















