


पूर्णिया : पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चिकनी पंचायत में आयोजित होने वाले चार दिवसीय श्री श्री 1008 नवकुंज महासंकीर्तन महायज्ञ के शुभारंभ को लेकर सोमवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं के जयघोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
सुबह से ही ब्रह्म बाबा स्थान पर श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश लेकर और पुरुष श्रद्धालु धार्मिक ध्वज व निशान के साथ यात्रा में शामिल हुए। कलश यात्रा ब्रह्म बाबा स्थान से प्रारंभ होकर कृष्ण स्थान, महादेव स्थान और भगवती स्थान होते हुए गसई घाट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद सभी श्रद्धालु पुनः ब्रह्म बाबा स्थान लौटे, जहां विधि-विधान और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कलश स्थापना की गई।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद श्रद्धालु भगवान श्रीराम और हरे राम-हरे कृष्ण के जयघोष करते हुए पूरे मार्ग पर आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा पेयजल एवं शीतल पेय की व्यवस्था की गई। पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों और संकीर्तन की स्वर लहरियां गूंजती रहीं।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि चार दिवसीय इस महासंकीर्तन महायज्ञ में कुल नौ नवकुंज बनाए गए हैं, जहां लगातार हरे राम-हरे कृष्ण नाम संकीर्तन का आयोजन होगा। इसके साथ ही एक विशाल हवन कुंड का निर्माण किया गया है, जहां विद्वान आचार्यों के निर्देशन में वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञ और हवन संपन्न कराया जाएगा।
महायज्ञ का एक विशेष आकर्षण भव्य गंगा आरती भी होगी। आयोजन समिति के अनुसार वाराणसी से आमंत्रित विद्वान पंडितों द्वारा बनारस घाट की तर्ज पर गंगा आरती कराई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। इस आयोजन को लेकर आसपास के क्षेत्रों सहित जिले भर में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
समिति का अनुमान है कि चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में लगभग डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों का दावा है कि पूर्णिया जिले में इस स्तर का नवकुंज महासंकीर्तन पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिससे यह आयोजन क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में एक विशेष स्थान बनाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आयोजन स्थल पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन विभाग की टीम और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, पेयजल, शौचालय और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत यह चार दिवसीय श्री श्री 1008 नवकुंज महासंकीर्तन महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रहा है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश दे रहा है।
















