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प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और चिकित्सक आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया मामला

नवगछिया के गोपालपुर –  इस्माईलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों को लेकर चर्चा में है। इस बार स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार और चिकित्सक डॉ. आनंद मोहन के बीच कथित विवाद का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है। वायरल ऑडियो में दोनों चिकित्सकों के बीच कथित तौर पर अभद्र भाषा और आरोप-प्रत्यारोप की बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, वायरल ऑडियो में डॉ. आनंद मोहन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार पर पे-स्लिप बनाने के नाम पर राशि मांगने, अस्पताल के बजाय अन्यत्र निजी क्लीनिक संचालित करने तथा ड्यूटी के दौरान नशे में रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि प्रभारी के व्यवहार के कारण कुछ चिकित्सक नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं तथा उपस्थिति पंजी को भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं रखा जाता है।

वहीं दूसरी ओर, कथित बातचीत में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने डॉ. आनंद मोहन पर उपस्थिति पंजी जलाने, ड्यूटी में लापरवाही बरतने तथा अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं। डॉ. आनंद मोहन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए उल्टे प्रभारी पर ही उपस्थिति पंजी से संबंधित अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

डॉ. आनंद मोहन का कहना है कि वे अस्वस्थ थे और इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को देना चाह रहे थे, लेकिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा उनका फोन नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के डाटा ऑपरेटर को फोन कर अपनी बीमारी की जानकारी देने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि इसी दौरान उनसे अभद्र भाषा में बातचीत की गई तथा उनके परिवार के सदस्यों के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।

मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार का पक्ष जानने के लिए संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इस कारण उनका पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।

इधर, जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल ने पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चिकित्सक समाज में सम्मानित स्थान रखते हैं और इस तरह के विवाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करते हैं। उन्होंने सिविल सर्जन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त विवादों का सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ता है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

फिलहाल वायरल ऑडियो और लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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