


नवगछिया के रंगरा प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को तेजनारायण उच्च विद्यालय से स्थानांतरित किए जाने के विरोध में रविवार शाम ग्रामीणों ने विशाल मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। काली मंदिर परिसर से शुरू हुए इस शांतिपूर्ण जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा सभी समुदायों के लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि डिग्री कॉलेज का संचालन पूर्व निर्धारित स्थल तेजनारायण उच्च विद्यालय, रंगरा में ही किया जाए, ताकि प्रखंड के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख न करना पड़े। उनका कहना था कि रंगरा में कॉलेज संचालित होने से हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि डिग्री कॉलेज के लिए भवन निर्माण एवं निबंधन (रजिस्ट्रेशन) सहित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद कॉलेज को चुपचाप विनोबा भावे महाविद्यालय स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने इसे क्षेत्र की जनता की भावनाओं के साथ छल और अन्याय बताते हुए निर्णय पर गहरी नाराजगी जताई।
मशाल जुलूस के दौरान लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से स्थानांतरण संबंधी आदेश को तत्काल रद्द कर रंगरा में ही डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक कॉलेज का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के छात्रों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा विषय है।

आंदोलनकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण मशाल जुलूस के बाद सोमवार से पूरे प्रखंड में व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। विभिन्न पंचायतों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से हस्ताक्षर कराकर मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे सरकार और संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा तथा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक जनसमर्थन के साथ आंदोलन जारी रखा जाएगा।
मशाल जुलूस में आशुतोष सिंह, जिम्मी ठाकुर, राजन ठाकुर, सियाराम मंडल, मोहम्मद फारुख, गुलशन झा, नीतीश सिंह, आनंद सिंह, प्रियतोश सिंह, राजेश शर्मा, चितरंजन शर्मा, पंकज जायसवाल, जयप्रकाश मंडल, डब्लू ठाकुर, शंकर शर्मा, अनिल ठाकुर, छप्पन मोनू, मो. असलम, आशीष मंडल, राजा जायसवाल, भूषण हजारी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
















