


पूर्णिया। पूर्णिया विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन प्रक्रिया के दौरान जारी मेरिट लिस्ट में कथित तकनीकी गड़बड़ी को लेकर छात्रों की परेशानी बढ़ गई है। छात्रों का आरोप है कि जिन अभ्यर्थियों का प्रथम मेरिट लिस्ट में चयन हो चुका था और उन्होंने संबंधित महाविद्यालयों में नामांकन भी करा लिया है, उनका नाम द्वितीय मेरिट लिस्ट में भी दोबारा प्रदर्शित किया गया है। इससे छात्रों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
छात्रों का कहना है कि इस तकनीकी त्रुटि के कारण कई अभ्यर्थी अपने नामांकन को लेकर चिंतित हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं पहले से संपन्न नामांकन प्रभावित न हो जाए या दोबारा प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़े। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाने से छात्रों की चिंता और बढ़ गई है।

मामले को लेकर छात्र राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पूर्णिया विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष पीयूष पुजारा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नामांकन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इस प्रकार की तकनीकी त्रुटि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसी चूक से छात्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
पीयूष पुजारा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में लगातार अव्यवस्था देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित होनी चाहिए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि तकनीकी गड़बड़ी को तत्काल दूर करते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही जिन छात्रों का नामांकन पहले ही हो चुका है, उनके प्रवेश को पूरी तरह सुरक्षित रखने की लिखित जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो छात्र हित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। छात्र अब प्रशासन के स्पष्टीकरण और समस्या के शीघ्र समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
















