


पूर्णिया। मानव सेवा की भावना को चरितार्थ करते हुए विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी एक बुजुर्ग पिता की सहायता की पुकार पर देर रात ही सक्रिय हो गए। उन्होंने फोन पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और बुधवार सुबह संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचकर भर्ती मरीज अरुण कुमार यादव का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने परिजनों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब एक बजे अररिया जिले के फारबिसगंज निवासी घनश्याम यादव ने आशीष गोस्वामी को फोन कर बताया कि उनका पुत्र संक्रमण के कारण जीएमसीएच पूर्णिया में भर्ती है और उपचाराधीन है। प्रारंभ में आशीष गोस्वामी उन्हें पहचान नहीं सके, लेकिन परिचय मिलने पर उन्हें करीब नौ वर्ष पूर्व की वह घटना याद आ गई, जब उन्होंने सदर अस्पताल पूर्णिया में इस परिवार की सहायता की थी।
बताया जाता है कि नौ वर्ष पहले घनश्याम यादव की गर्भवती बहू सदर अस्पताल में भर्ती थीं। ऑपरेशन से पहले तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। वृद्धावस्था और आर्थिक तंगी के कारण वह रक्त की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में उनकी मुलाकात आशीष गोस्वामी से हुई। स्थिति की जानकारी मिलने पर उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया और समय पर रक्त सहित आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। इससे सफल ऑपरेशन संभव हो सका और परिवार उस संकट से बाहर निकल आया।
समय बीतने के बावजूद उस सेवा और सहयोग की याद परिवार के मन में बनी रही। एक बार फिर जब उनका पुत्र गंभीर रूप से बीमार होकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ, तो बुजुर्ग पिता ने सबसे पहले आशीष गोस्वामी को ही फोन कर सहायता की गुहार लगाई।
फोन पर पूरी जानकारी मिलने के बाद आशीष गोस्वामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह स्वयं मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मरीज का हालचाल लेंगे और बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन से बात करेंगे। अपने वादे के अनुसार बुधवार सुबह वह संगठन के पदाधिकारियों के साथ जीएमसीएच पहुंचे, मरीज से मुलाकात की और अस्पताल प्रशासन से समुचित उपचार सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। साथ ही परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
इस अवसर पर आशीष गोस्वामी ने कहा कि मानव सेवा ही संगठन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद भी यदि किसी जरूरतमंद को संकट की घड़ी में संगठन की याद आती है, तो यह उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। सेवा ही सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म है और समाज का विश्वास ही संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।
मौके पर पूर्णिया जिला गोरक्षा प्रमुख नवीन कुमार, पूर्णिया नगर उपाध्यक्ष धीरज भगत, वार्ड संख्या-24 के अध्यक्ष रितिक कुमार तथा वार्ड संख्या-7 के अध्यक्ष प्रिंस कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
















