


भागलपुर। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को समीक्षा भवन, भागलपुर में जिला विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले में पैक्सों के कंप्यूटरीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है तथा शेष पैक्सों में भी इस कार्य को शीघ्र पूरा करने की दिशा में कार्रवाई जारी है। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सेवाओं के विस्तार, ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा, जन औषधि केंद्रों के संचालन, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) तथा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन एवं संचालन की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सहकारी संस्थाओं की सदस्यता बढ़ाने, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) पोर्टल पर समितियों का अद्यतन करने, बहुउद्देशीय सेवाओं के विस्तार तथा पैक्सों को मॉडल पैक्स के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी प्रस्तुत की गई।

इसके अलावा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक से संबंधित विभिन्न योजनाओं, आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एईपीएस), गोदाम निर्माण, मुख्यमंत्री हरित कृषि यंत्र योजना, जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों के संचालन, धान एवं गेहूं अधिप्राप्ति, ऑन सिस्टम ऑडिट तथा बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना की भी बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान सहकारिता जागरूकता अभियान, पौधारोपण कार्यक्रम, वित्तीय साक्षरता अभियान, सहकारिता विषयक सेमिनार, क्विज प्रतियोगिता, जिला विकास समिति की बैठक, फिल्म स्क्रीनिंग, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान तथा सहकारी समितियों की वार्षिक आमसभा सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहकारिता विभाग की योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिक से अधिक किसानों एवं आम नागरिकों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाए, ताकि सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
















