


भागलपुर। अंग प्रदेश की गौरवशाली लोककला मंजूषा को घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘घर-घर मंजूषा, हर घर मंजूषा’ महाअभियान का भव्य शुभारंभ डिवाइन हैप्पी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में अखंड दीप प्रज्वलित कर किया गया। यह अभियान मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र, इंटक भागलपुर चैप्टर एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में तारा गंगा विकास फाउंडेशन, कला सागर सांस्कृतिक संगठन, सूर्य जन्माष्टमी विकास समिति एवं माया तेतर लोकसभा संस्थान सहित कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं ने सहभागिता निभाई। अभियान का उद्देश्य केवल मंजूषा कला का प्रचार-प्रसार नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और अंग संस्कृति से अनभिज्ञ लोगों तक इसकी समृद्ध परंपरा को पहुंचाना है।
अभियान के संयोजकों ने घोषणा की कि उनका संकल्प 1 लाख 8 हजार लोगों को मंजूषा कला के प्रति जागरूक करना तथा 11 हजार घरों तक मंजूषा आधारित उत्पाद पहुंचाना है। उनका मानना है कि यह पहल स्थानीय कलाकारों को आर्थिक मजबूती देने के साथ-साथ अंग प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ डिवाइन हैप्पी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या मनीषा मधुश्री, देव ज्योति मुखर्जी, सुमना, मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र के एनियुल ओहदा, रामदेव सिंह, काशीकांत सिंह, पुष्पा भारती, पवन कुमार सागर, बीना मिश्रा एवं सनी सागर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विद्यालय के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में वर्षा कुमारी, प्रीति कुमारी, अनुकृति कुमारी, रुपाली कुमारी, रामस्वरूप सिंह, माला घोष, अर्चना कुमारी, संजीव कुमार, सौरभ केसरी एवं सिंपल कुमारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कस्तूरी आचार्जी ने किया।
यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अंग प्रदेश की लोककला, संस्कृति और पहचान को जन-जन तक पहुंचाने को एक व्यापक सांस्कृतिक आंदोलन बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
















