


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भगवान शिव की आराधना का सबसे पावन महीना सावन इस बार विशेष संयोग लेकर आ रहा है। इस वर्ष सावन पूरे 30 दिनों का होगा और श्रद्धालुओं को चार सोमवारी का पुण्य प्राप्त होगा। इसे लेकर सुल्तानगंज से लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक श्रावणी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन और मंदिर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम में जुट गई हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 30 जुलाई (गुरुवार) से सावन मास का शुभारंभ होगा, जबकि 28 अगस्त (शुक्रवार) को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के साथ इसका समापन होगा। पूरे महीने शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला चलेगा।

सावन के चारों सोमवार शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इस बार सोमवारी की तिथियां इस प्रकार हैं – पहली सोमवारी – 3 अगस्त,दूसरी सोमवारी – 10 अगस्त,तीसरी सोमवारी – 17 अगस्त, चौथी और अंतिम सोमवारी – 24 अगस्त।
मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत करने से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है, जबकि अविवाहित युवतियों को मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण कर सृष्टि की रक्षा की थी। विष की तीव्रता शांत करने के लिए देवताओं ने शिव पर जल अर्पित किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल, गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि इस महीने किया गया जलाभिषेक विशेष फलदायी होता है।
सावन के दौरान कई प्रमुख धार्मिक पर्व भी मनाए जाएंगे। 17 अगस्त – नाग पंचमी, मां विषहरी मंदिरों में विशेष पूजा। 23 से 28 अगस्त – झूलनोत्सव, जिसमें राधा-कृष्ण की विशेष झांकी और पूजा होगी।
28 अगस्त – श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन का पर्व एक साथ मनाया जाएगा। इसी दिन सावन मास का समापन भी होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूर्णिमा तिथि सुबह 9:19 बजे तक रहेगी।
सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर तक पैदल यात्रा करने वाले लाखों कांवरियों को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोशनी, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी सावन में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर रहने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, 30 दिनों का सावन, चार सोमवारी, नाग पंचमी, झूलनोत्सव और रक्षाबंधन जैसे पर्व इस बार सावन को धार्मिक दृष्टि से और भी विशेष बनाने वाले हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह पूरा महीना आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहेगा।
















