


‘आद्यांश’ ने रजत जीतकर रचा नया इतिहास
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। उम्र महज 10 साल के आसपास, लेकिन हौसले किसी चैंपियन से कम नहीं। जिस उम्र में बच्चे खेल को सिर्फ मनोरंजन मानते हैं, उसी उम्र में भागलपुर के होनहार स्केटर आद्यांश अंश ने अपने पैरों में पहिए बांधकर ऐसा कमाल किया कि पूरा बिहार उन पर गर्व कर रहा है। राष्ट्रीय स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर आद्यांश भागलपुर के पहले स्केटर बन गए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता में पदक हासिल किया।
यह उपलब्धि सिर्फ एक मेडल की नहीं, बल्कि उस शहर के सपनों की है, जहां स्केटिंग अभी भी क्रिकेट और फुटबॉल जितनी लोकप्रिय नहीं है। ऐसे माहौल में आद्यांश ने यह साबित कर दिया कि जुनून और मेहनत के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है।
हाल ही में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आयोजित एक सम्मान समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने स्वयं आद्यांश को आशीर्वाद दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह ने राज्यपाल को आद्यांश की उपलब्धियों से अवगत कराया, जिसके बाद राज्यपाल ने उनकी पीठ थपथपाते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
आद्यांश ने यह सफलता रांची में 16 से 20 जून 2026 तक आयोजित 12वीं रैंकिंग ओपन नेशनल स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में हासिल की। उन्होंने 8 से 10 वर्ष बालक वर्ग की स्पीड इनलाइन 500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया और बिहार का गौरव बढ़ाया।
विश्वा रोलर स्पोर्ट्स अकादमी में कोच विश्वजीत कुमार के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास कर रहे आद्यांश ने बिहार रोलर स्केटिंग एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व किया। वे श्री कुमार आशीष के पुत्र हैं और न्यू सनशाइन स्कूल, बरारी के छात्र हैं।
उनकी सफलता पर बिहार रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की सचिव ताथीर ज़हरा, सॉफ्ट टेनिस जिला संघ के सचिव जयंत कुमार, बाबूपुर पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान और न्यू सनशाइन स्कूल के निदेशक नीतीश हरिओम ने खुशी जताते हुए कहा कि आद्यांश की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
भागलपुर के लिए यह सिर्फ एक रजत पदक नहीं, बल्कि उस नए खेल आंदोलन की शुरुआत है, जो यह संदेश देता है कि छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े सपनों को सच कर सकते हैं।
















