


भागलपुर निगम में गूंजा ‘मकान बचाओ’ का सवाल
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले सैकड़ों परिवारों की चिंता अब नगर निगम के नोटिस के बाद बढ़ गई है। ऊंचाई मानकों के उल्लंघन को लेकर 845 मकान मालिकों को जारी नोटिस ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग नगर निगम कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिन मकानों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, उनमें से कई घर दशकों पुराने हैं। अचानक नोटिस मिलने से परिवारों के सामने बेघर होने का डर खड़ा हो गया है। लोगों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले स्थिति स्पष्ट की जाए और प्रभावित परिवारों की बात सुनी जाए।
14 जुलाई तक मांगे गए कागजात, लोगों में बढ़ी बेचैनी
नगर निगम ने संबंधित मकान मालिकों को निर्धारित समय के भीतर नक्शा और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। लोगों का आरोप है कि नियमों का पालन नहीं करने पर एक सप्ताह के भीतर मकान तोड़ने की चेतावनी दी गई है। इसी वजह से इलाके में भय और असमंजस का माहौल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार शुरुआती सर्वे में करीब 800 से 850 मकानों को चिन्हित किया गया है। उनका कहना है कि आगे और मकानों पर कार्रवाई की संभावना से पूरे क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
‘विकास के खिलाफ नहीं, लेकिन नीति साफ हो’
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे एयरपोर्ट या विकास योजनाओं के विरोध में नहीं हैं, लेकिन बिना स्पष्ट जानकारी और उचित प्रक्रिया के घरों पर कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका सवाल है कि जब एयरपोर्ट निर्माण को लेकर अलग-अलग स्थानों की चर्चा चल रही है, तो भागलपुर शहर में एयरपोर्ट नियमों के तहत अचानक मकानों की ऊंचाई पर कार्रवाई क्यों की जा रही है।
निगम ने दिया नियमों के अनुसार विचार का भरोसा
नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही। बाद में अधिकारियों ने लोगों से ज्ञापन लिया और उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

















