


भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में मातम का माहौल है। परिजनों ने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मृतक की पहचान सबौर थाना क्षेत्र के पैदलपुर निवासी कमलेश मंडल के पुत्र कन्हैया मंडल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार कन्हैया मुंबई में पेंटिंग का काम करता था और करीब दस दिन पहले त्योहार के अवसर पर अपने घर आया था।

परिजनों ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब पांच बजे कन्हैया ने अपनी मां से 500 रुपये मांगे। उसने कहा कि किसी व्यक्ति को पैसे देने हैं, अन्यथा वह उसका मोबाइल छीन लेगा। बेटे की बात सुनकर मां ने उधार लेकर उसे 500 रुपये दिए, जिसके बाद वह घर से निकल गया। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बंद आने लगा।
कुछ घंटों बाद सुबह करीब 11 बजे कन्हैया ने अपने मोबाइल से मां को फोन कर बताया कि वह सबौर रेलवे लाइन के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जहां वह बेहोशी की हालत में मिला। उसे तत्काल उपचार के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) में भर्ती कराया गया, लेकिन रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कुछ देर के लिए सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया। मृतक के चचेरे भाई जुगल कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि घटनास्थल की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि कन्हैया को किसी ने चलती ट्रेन से धक्का देकर गिराया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ट्रेन से गिरा था या उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
















