


भागलपुर में एयरपोर्ट के आसपास स्थित 845 मकानों को नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को दो दर्जन से अधिक भवन स्वामी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नगर आयुक्त से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का प्रयास किया। नगर आयुक्त के कार्यालय में नहीं मिलने पर लोगों ने निगम परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद सभी प्रभावित लोग भागलपुर की महापौर वसुंधरा लाल से मिले और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। महापौर ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए किसी के मकान पर कोई कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।

प्रदर्शन कर रहे भवन स्वामियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले विधिवत जमीन की रजिस्ट्री कराई, नगर निगम से भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराया और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मकान बनाए। उनका आरोप है कि अब अचानक दोबारा कागजात मांगकर मकानों को अवैध घोषित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे सैकड़ों परिवार चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।
वहीं नगर निगम प्रशासन का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए भवनों की वैधता की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत सभी भवन स्वामियों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
नगर निगम ने सुनवाई के लिए 14 जुलाई, 18 जुलाई, 24 जुलाई और 8 अगस्त की तिथियां निर्धारित की हैं। प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई भवन स्वामी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होता या संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराता है, तो उसके विरुद्ध बिहार नगर निकाय अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर एयरपोर्ट क्षेत्र के निवासियों में असंतोष का माहौल है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से मामले पर पुनर्विचार करने और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की है।
















