


बच्चों की देखभाल व CARA के दिशा-निर्देशों के पालन पर दिया जोर
पूर्णिया: जिले के निराश्रित एवं संवेदनशील बच्चों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) ने पूर्णिया स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी-एसएए) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) एवं समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थान में रह रहे बच्चों के रहन-सहन, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संस्थान के सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों, पंजियों, संस्थागत लॉग बुक, व्यक्तिगत बाल विकास रजिस्टर तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके साथ ही बच्चों के विकास चार्ट, चिकित्सा इतिहास तथा उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित रिकॉर्ड का भी मूल्यांकन किया।
जांच के दौरान पाया गया कि संस्थान में प्रत्येक बच्चे को व्यक्तिगत देखभाल एवं उचित पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद जिलाधिकारी ने संस्थान की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से समन्वयक को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप बेहतर आहार योजना, स्वच्छता के उच्च मानक तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने संस्थान के समन्वयक को निर्देश दिया कि बाल दत्तक ग्रहण एवं संस्थागत देखभाल से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान का संचालन समाज कल्याण विभाग के आदेशों तथा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही होना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा कि निराश्रित एवं संवेदनशील बच्चों का संरक्षण और उनका समुचित विकास जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संस्थान को पूरी पारदर्शिता के साथ बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना होगा।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। यदि किसी भी स्तर पर CARA के दिशा-निर्देशों अथवा विभागीय आदेशों के उल्लंघन की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के अमरेश कुमार, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के समन्वयक तथा संस्थान के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
















