


महापौर विभा कुमारी ने किया ‘दीपन’ एवं ‘जास्मना तोरा देयतारे बौंदी होते’ का विमोचन
पूर्णिया: भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर प्रांगण गुरुवार की रात साहित्य, संस्कृति और आस्था के अद्भुत संगम का साक्षी बना। भगवान श्रीजगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में पूर्णिया की महापौर विभा कुमारी ने प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल पोद्दार एवं आलो राय की नवीन काव्य कृतियों ‘दीपन’ तथा ‘जास्मना तोरा देयतारे बौंदी होते’ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर कथाम पूजा, ध्वजारोहण एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, बुद्धिजीवी एवं श्रद्धालु शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए महापौर विभा कुमारी ने कहा कि साहित्य किसी भी समाज की आत्मा होता है। यह केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं, संस्कारों, संघर्षों और सपनों का जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया की धरती समृद्ध साहित्यिक परंपरा की धरोहर रही है और स्वर्गीय सतीनाथ भादुड़ी की विरासत को डॉ. गोपाल पोद्दार एवं आलो राय अपनी सशक्त लेखनी से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों नई कृतियां साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएंगी और नई पीढ़ी को भाषा, संस्कृति एवं साहित्य से जोड़ने का कार्य करेंगी।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन साहित्य और संस्कृति के सम्मान का पर्व है। उन्होंने दोनों साहित्यकारों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं और पूर्णिया की गौरवशाली साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बंगाली समाज के शिक्षा, संस्कृति, व्यापार एवं राजनीति में दिए गए योगदान की भी प्रशंसा की।
जितेंद्र यादव ने शहीद अजीत सरकार को याद करते हुए कहा कि वे गरीबों, वंचितों और शोषितों की बुलंद आवाज थे। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज से उनका आत्मीय संबंध रहा है तथा समाज के सहयोग से ही वे जनसेवा के इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी आवश्यकता में सदैव साथ रहने का भरोसा भी दिलाया।
इस दौरान महापौर विभा कुमारी एवं जितेंद्र यादव ने मंदिर परिसर में आयोजित कथाम पूजा एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लेकर पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में दुर्गाबाड़ी मंदिर पूजा समिति के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार भट्टाचार्य, सचिव सुचित्रो कुमार घोष, कोषाध्यक्ष शुभोजित कुमार दास, तुहीन घोषाल, अरुप कुमार डे, आसित वर्णकर, गौतम बनर्जी, सुदीप कुमार मित्रा, सागर भट्टाचार्य, डॉ. गोपाल पोद्दार, अचिंत घोष, नीतू दा, सुभाष जी, दिलीप चौधरी सहित पूजा समिति के पदाधिकारी, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
















