


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सबौर महाविद्यालय की गृह पत्रिका ‘पुष्पिता’ का चतुर्थ अंक जल्द ही पाठकों के बीच होगा। इस बार पत्रिका को केवल एक औपचारिक प्रकाशन तक सीमित न रखते हुए इसे महाविद्यालय की शैक्षणिक, साहित्यिक और शोधपरक गतिविधियों का सशक्त दस्तावेज बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी दिशा में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने संपादकीय मंडल का गठन कर प्रकाशन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने कहा कि किसी भी महाविद्यालय की गृह पत्रिका केवल रचनाओं का संकलन नहीं होती, बल्कि वह संस्थान की बौद्धिक पहचान और रचनात्मक संस्कृति का प्रतिबिंब होती है। उन्होंने कहा कि ‘पुष्पिता’ विद्यार्थियों को लेखन, शोध, साहित्य और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराएगी तथा महाविद्यालय की उपलब्धियों का स्थायी दस्तावेज भी बनेगी।
पत्रिका के लिए गठित संपादकीय मंडल में प्राचार्य स्वयं प्रधान संपादक होंगे। संपादक मंडल में डॉ. नाज़ परवीन, डॉ. राकेश रंजन, डॉ. मणिलाल पासवान, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. सत्येन्द्र कुमार और डॉ. मयंक वत्स को शामिल किया गया है। मंडल ने कार्यभार संभालते ही महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राओं से शोधपरक लेख, आलेख, कविता, कहानी, लघुकथा, संस्मरण तथा अन्य मौलिक साहित्यिक रचनाएं आमंत्रित की हैं।
प्राचार्य ने बताया कि पत्रिका का लोकार्पण तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा के करकमलों से कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ‘पुष्पिता’ को आईएसएसएन (ISSN) संख्या दिलाने की भी योजना है, ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक शोधपरक और अकादमिक पहचान मिल सके।
महाविद्यालय में पत्रिका के नए अंक को लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। सभी ने इसे सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग देने का भरोसा जताया है। प्राचार्य ने सभी से अधिकाधिक संख्या में गुणवत्तापूर्ण और मौलिक रचनाएँ भेजने की अपील करते हुए कहा कि ‘पुष्पिता’ का चतुर्थ अंक महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक और साहित्यिक परंपरा का सशक्त प्रतिनिधि बने।
महाविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मयंक वत्स ने बताया कि पत्रिका के प्रकाशन की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसका प्रकाशन सुनिश्चित किया जाएगा।
















