


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल
थाना चौक पर छात्रों और युवाओं ने की नारेबाजी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की उठाई मांग
पूर्णिया। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर रविवार को पूर्णिया के थाना चौक पर छात्रों और युवाओं ने एक दिवसीय भूख हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

धरना-प्रदर्शन में शामिल छात्रों एवं युवाओं ने “शिक्षा बचाओ, युवा बचाओ”, “पेपर लीक बंद करो, छात्रों को न्याय दो” तथा “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों के साथ विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां भी थीं।
इस अवसर पर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के पूर्णिया जिला अध्यक्ष मोहम्मद अली अहमद खान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। साथ ही भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की जाएं तथा पेपर लीक में शामिल गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
आंदोलनकारियों ने कहा कि देश के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















