


नवगछिया प्रखंड के ढोलबज्जा पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों चिकित्सकों के अभाव से जूझ रहा है। अस्पताल में न तो कोई एमबीबीएस चिकित्सक पदस्थापित हैं और न ही आयुष चिकित्सक नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में पूरे स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था एएनएम के भरोसे संचालित हो रही है, जिससे मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।

जानकारी के अनुसार, यहां कार्यरत आयुष चिकित्सक की भी श्रावणी मेला ड्यूटी में प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। इसके बाद अस्पताल पूरी तरह चिकित्सकविहीन हो गया है। नतीजतन दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल अथवा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर करना पड़ रहा है।
ढोलबज्जा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर, पूर्णिया और मधेपुरा जिले की सीमा से सटे लगभग 12 पंचायतों की करीब तीन लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्सकों के नहीं रहने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीजों को मजबूरन नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल अथवा निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उनके समय के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से अविलंब एमबीबीएस एवं आयुष चिकित्सकों की नियमित पदस्थापना सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र की बड़ी आबादी को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ढोलबज्जा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र चिकित्सकों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
















