


कटाव निरोधी कार्य में अनियमितता का आरोप, प्रशासन ने संभाला मोर्चा; युद्धस्तर पर शुरू कराया बचाव कार्य
नवगछिया। राघोपुर तटबंध पर गंगा नदी के लगातार तेज हो रहे कटाव से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को जल संसाधन विभाग के राघोपुर स्थित कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ कर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा कराए गए कटाव निरोधी कार्य में भारी अनियमितता बरती गई, जिसके कारण तटबंध पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं एवं संवेदक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि कटाव निरोधी कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया गया होता तो आज तटबंध पर ऐसी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही का खामियाजा अब आसपास के गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए और तटबंध टूट गया तो गंगा का पानी हजारों परिवारों के घरों में प्रवेश कर जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होगा और हजारों लोग विस्थापित होने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग की होगी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिकेत अमर, अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया तथा उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने का आश्वासन दिया।
प्रशासन के निर्देश पर राघोपुर तटबंध पर कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर कटाव निरोधी कार्य शुरू करा दिया गया है। अधिकारी लगातार मौके पर कैंप कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, तटबंध के समीप रहने वाले ग्रामीणों में अब भी गंगा के बढ़ते कटाव को लेकर चिंता और भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की है।
















