


शहीद हवलदार रतन कुमार सिंह और गनर प्रभाकर सिंह के बलिदान को किया याद, गूंजे देशभक्ति के नारे
नवगछिया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को नवगछिया में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं वीर शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन किया।

समारोह में कारगिल युद्ध के शहीद हवलदार रतन कुमार सिंह तथा सेना मेडल से सम्मानित शहीद गनर प्रभाकर सिंह की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम स्थल भारत माता की जय, वंदे मातरम् और वीर शहीद अमर रहें के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, ऑनरेरी कमीशंड ऑफिसर्स (एचसीओ), जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स (जेसीओ), सैनिक परिवारों तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है। कारगिल के वीर सैनिकों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान तिरासी गांव के कारगिल शहीद हवलदार रतन कुमार सिंह के पुत्र रूपेश कुमार सिंह एवं मंजेश कुमार ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस उनके लिए भावुक करने वाला दिन होता है। उन्होंने कहा कि पिता को खोने का दुख आज भी है, लेकिन इससे कहीं अधिक गर्व इस बात का है कि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उनका बलिदान पूरे परिवार के लिए सम्मान और गौरव का विषय है।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया तथा वीर शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखने की बात कही।
















