


मिल्लिया बी.एड. कॉलेज में दो दिवसीय ओरिएंटेशन सह स्वागत समारोह का शुभारंभ
पूर्णिया । मिल्लिया फखरूद्दीन अली अहमद बी.एड. टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रामबाग, पूर्णिया में गुरुवार से दो दिवसीय ओरिएंटेशन सह स्वागत समारोह (सत्र 2026-28) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मिल्लिया एजुकेशनल ट्रस्ट के सहायक निदेशक ई. आदिल इमाम एवं महाविद्यालय के शिक्षकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर बी.एड. सत्र 2025-27 के छात्र-छात्राओं ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं वेलकम कार्ड भेंट कर स्वागत किया। समारोह में स्वागत गीत, मिल्लिया तराना, नाटक, कविता, प्रहसन, भाषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच संचालन नेहा कुमारी एवं नायमा अकबर ने किया।
स्वागत भाषण में सहायक प्राध्यापक राजीव कुमार ने शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण कर उन्हें समाज का योग्य नागरिक बनाता है। इसके बाद प्राचार्य डॉ. शहबाज रिजवी ने मुख्य अतिथि ई. आदिल इमाम को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि ई. आदिल इमाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन, नियमित उपस्थिति, प्रभावी संप्रेषण क्षमता और स्वयं के प्रति ईमानदारी ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने व्यक्तित्व और भाषा कौशल के विकास पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों पंकज कुमार जोशी, ध्रुव कुमार, कमलेश कुमार, प्रवीण कुमार सिंह एवं राजीव कुमार ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों के लिए बैलून ब्रेकिंग एवं पुटिंग बिंदी जैसे मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया।
प्राचार्य डॉ. शहबाज रिजवी ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, नैतिकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और शिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक राजीव कुमार ने मुख्य अतिथि, अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। पहले दिन का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
















