


प्रदीप विद्रोही
कहलगांव (भागलपुर)। आगामी पांच अगस्त को निकलने वाली ऐतिहासिक पड़ाव संघ, कहलगांव द्वारा आयोजित होने वाली 114वीं कांवड़ यात्रा की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यात्रा को भव्य, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिम्मेदार पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस यात्रा के संरक्षक सांसद अजय कुमार मंडल और विधायक ई शुभानंद मुकेश हैं। कांवड़िया आगामी 10 अगस्त यानी द्वितीय सोमवारी को बाबा बासुकीनाथ के दरबार में जलाभिषेक करेंगे। कहलगांव स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट से गंगाजल भरते हैं और पूजा अर्चना व संकल्प के साथ बोल बम के जयकारा के साथ बाबा बासुकीनाथ की यात्रा पर कांवर लेकर निकल पड़ते हैं।
बैठक में यात्रा मार्ग, शिविर व्यवस्था, जलपान, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा, यातायात, सफाई, विद्युत, रात्रि विश्राम और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इसलिए सभी शिव भक्त कार्यकर्ता अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ निर्वहन करें।
संघ के पदाधिकारी संजीव कुमार, पवन चौधरी, सोनू जायसवाल सहित कार्यभार संभालने वाले सभी सदस्यों को समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने, श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में पड़ाव संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष चौधरी तथा पड़ाव संघ के अध्यक्ष अरबिंद सिंह ने बताया कि इस बार भी करीब पांच हजार शिवभक्त कांवड़ यात्रा में शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भंडारा, पेयजल, प्राथमिक उपचार, विश्राम स्थल, मोबाईल सेवा, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें गठित कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने सभी शिवभक्तों से यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा प्रशासन और आयोजन समिति के निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से 114वीं कांवड़ यात्रा सफल, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगी।
















