


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। श्रावणी मेले के पावन अवसर पर पड़ाव संघ, कहलगांव द्वारा आयोजित होने वाली 114वीं कांवर यात्रा इस वर्ष भी भव्यता और आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। इस ऐतिहासिक कांवर यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता 81 फीट, 61 फीट, 51 फीट, 41 फीट और 31 फीट लंबी विशाल एवं आकर्षक कांवर होंगी, जो श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

यात्रा आगामी 5 अगस्त को कहलगांव स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट से प्रारंभ होगी तथा श्रावण मास के द्वितीय सोमवार, 10 अगस्त को बाबा बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। यह यात्रा कहलगांव, घोघा, धोरैया, पंजवारा, बौंसी, हंसडीहा और नोनीहाट होते हुए बासुकीनाथ धाम पहुंचेगी। यात्रा की सभी व्यवस्थाएं पड़ाव संघ द्वारा की जाती हैं। यात्रा के साथ भजन मंडली एवं आकर्षक झांकियां भी चलती हैं, जो दिन-रात प्रत्येक पड़ाव पर शिवभक्तों को भजनों की रसधारा में सराबोर करती हैं।
पड़ाव संघ के अध्यक्ष अरविंद सिंह तथा पड़ाव संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष चौधरी ने बताया कि संघ पिछले 114 वर्षों से लगातार कांवर यात्रा का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष लगभग पांच हजार शिवभक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल होंगे। कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालु धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे। संघ के संरक्षक सांसद अजय कुमार मंडल और स्थानीय विधायक ई शुभानंद मुकेश हैं।
विशाल कांवरों को पारंपरिक शैली में आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी, धार्मिक झांकियों और मनमोहक कलाकृतियों से सजाया जा रहा है। इन्हें तैयार करने में कारीगर कई दिनों से जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतनी विशाल कांवर यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी संदेश देती है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सुरक्षा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाएं भी यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग कर रही हैं।
हर वर्ष की तरह इस बार भी पड़ाव संघ की कांवर यात्रा में स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर यह ऐतिहासिक यात्रा पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बनाएगी तथा 81, 61, 51, 41 और 31 फीट की विशाल कांवर इसकी भव्यता में चार चांद लगाएंगी।
















