


प्रदीप विद्रोही
सुल्तानगंज। श्रावणी मेले में श्रद्धालु अक्सर नंगे पांव या दंडवत यात्रा करते दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार सुल्तानगंज से एक ऐसा अनोखा शिवभक्त निकला है, जिसे देखकर हर कोई ठिठक जा रहा है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज निवासी राजकुमार महतो (28) दोनों पैरों को ऊपर उठाकर, हाथों के बल “बिच्छू बम” मुद्रा में बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा कर रहे हैं।
सड़क पर हाथों के सहारे आगे बढ़ते राजकुमार को देखकर राहगीर हैरान रह जाते हैं। लोग रुककर उनका हौसला बढ़ाते हैं, तस्वीरें खींचते हैं और उनकी आस्था को प्रणाम करते हैं। कठिन और जोखिम भरी इस यात्रा में उनके साथ एक सहयोगी साइकिल पर चलता है, जो भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सामान लेकर उनके साथ बना रहता है।

राजकुमार बताते हैं कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इस तरह की कठिन यात्रा का संकल्प लिया है। पिछले वर्ष भी उन्होंने इसी अनोखी शैली में देवघर की यात्रा पूरी की थी। उस समय उन्हें बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचने में करीब 30 दिन लगे थे। इस बार भी उनका लक्ष्य पूरे समर्पण और धैर्य के साथ अपनी यात्रा पूरी करना है।
आस्था के साथ-साथ राजकुमार का जीवन साहस और अनुशासन की मिसाल भी है। उन्होंने रायगंज विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा वे जुड़ो-कराटे में ब्लैक बेल्ट धारक हैं। शारीरिक क्षमता, संतुलन और मानसिक दृढ़ता के बल पर ही वे इस तरह की चुनौतीपूर्ण यात्राएं करने में सफल हो पाते हैं।
राजकुमार केवल देवघर ही नहीं, बल्कि देश के अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों की कठिन यात्राएं भी कर चुके हैं। अब तक वे बागेश्वर धाम, अमरनाथ, वैष्णो देवी, देश के 12 ज्योतिर्लिंग, चारधाम और 13 शक्तिपीठ सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुका है।
















