


नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र के ढोढ़िया दादपुर निवासी 60 वर्षीय रामचंद्र मंडल की बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों के अनुसार अचानक स्वास्थ्य खराब होने के बाद उन्हें पहले एक निजी ग्रामीण चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां से अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। जांच और उपचार की प्रक्रिया में समय बीतने के दौरान उनकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई। अंततः जब परिजन उन्हें अनुमंडल अस्पताल नवगछिया लेकर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

परिजनों ने बताया कि रामचंद्र मंडल को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें तत्काल अंभो स्थित एक निजी ग्रामीण चिकित्सक के क्लीनिक ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। परिजनों का कहना है कि जांच कराने और विभिन्न स्थानों पर इलाज की तलाश में काफी समय निकल गया, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई।
जब उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई तो परिजन आनन-फानन में उन्हें नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. तरुण कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वृद्ध की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। बाद में परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने घर ले गए।
इस संबंध में चिकित्सक डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक सांस लेने में परेशानी, सीने या पेट में तेज दर्द अथवा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो समय न गंवाते हुए उसे सीधे सरकारी अस्पताल या विशेषज्ञ चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों के उपचार में थोड़ी-सी देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
















