


@ DM अलंकृता पांडेय के निर्देश पर दिनभर चला ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान; बिना हेलमेट, DL और कागजात वालों पर सीधा एक्शन, अब ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजों की बारी।

प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों को ठेंगा दिखाकर बाइक दौड़ाने वालों पर शनिवार को परिवहन विभाग का हंटर चला। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के सख्त निर्देश पर परिवहन विभाग की अलग-अलग टीमें शहर के आठ प्रमुख चौक-चौराहों पर एक साथ उतरीं और देखते ही देखते नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
बिना हेलमेट बाइक दौड़ाना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस, सड़क पर निकलना और जरूरी कागजात नहीं रखना अब महंगा पड़ रहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी विजयंत के प्रत्यक्ष नेतृत्व में चले इस विशेष अभियान में दिनभर वाहन चालकों की सघन जांच की गई।
80 बाइक सवार पकड़े गए, ₹2.75 लाख का फाइन:
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने दोपहिया चालकों के हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट की जांच की। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस, PUC, इंश्योरेंस और अन्य वैध दस्तावेज भी खंगाले गए।
जांच में बिना हेलमेट पकड़े गए 80 मोटरसाइकिल चालकों पर कार्रवाई की गई। इनसे कुल ₹2.75 लाख का जुर्माना वसूला गया।
अधिकारियों का रुख साफ था – नियम तोड़ा तो चालान कटेगा। हालांकि कार्रवाई के साथ वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया और हेलमेट को महज पुलिस के डर से नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने के लिए जरूरी बताया गया।
आठ चौराहों पर एक साथ बिछा चेकिंग का जाल
परिवहन विभाग ने शहर के ऐसे प्रमुख इलाकों को अभियान के लिए चुना, जहां दिनभर वाहनों का भारी दबाव रहता है। नगर निगम चौक, खंजरपुर चौक, सेंट्रल जेल रोड, बरारी रोड और जीरोमाइल चौक समेत आठ प्रमुख स्थानों पर एक साथ जांच अभियान चलाया गया।
अचानक सड़क पर परिवहन विभाग और पुलिस की टीम देखकर कई वाहन चालकों ने रास्ता बदलकर निकलने की कोशिश भी की। लेकिन टीम की मुस्तैदी के आगे ऐसी कोशिशें ज्यादा देर नहीं चलीं। संदिग्ध वाहनों को रोककर मौके पर ही कागजात और सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
अब स्पीड के शौकीनों और स्टंटबाजों की खैर नहीं
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अभियान सिर्फ हेलमेट तक सीमित नहीं रहने वाला। अगले चरण में ओवरस्पीडिंग और सड़क पर स्टंट करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
जिला परिवहन पदाधिकारी विजयंत ने बताया कि शहर की मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी के लिए स्पीड गन और आधुनिक कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। गति सीमा तोड़ने वाले और सड़क को रेसिंग ट्रैक समझने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिगों के हाथ में वाहन और अनियमित ई-रिक्शा भी रडार पर:
मोटरयान निरीक्षक एसएन मिश्रा ने बताया कि नाबालिगों के वाहन चलाने और ई-रिक्शा के अनियमित परिचालन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। विभाग अब इन मामलों में भी अभियान चलाने की तैयारी में है।
नाबालिगों को वाहन देने वाले अभिभावकों और नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
साफ संदेश: सड़क पर मनमानी नहीं चलेगी
भागलपुर परिवहन विभाग के इस अभियान ने एक बात साफ कर दी है – सड़क पर नियम तोड़कर निकल जाना अब आसान नहीं होगा। पहले हेलमेट और कागजात की जांच, फिर ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी पर कार्रवाई और उसके बाद नाबालिग चालकों व अनियमित ई-रिक्शा पर शिकंजा।
















