


@ अगस्त क्रांति दिवस और अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर निकली अनूठी यात्रा, गांधी के भजन से शुरू हुआ ‘आजादी उत्सव’; नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। आजादी की लड़ाई में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों और राष्ट्रनायकों की स्मृतियां रविवार को भागलपुर की सड़कों पर जीवंत हो उठीं। अगस्त क्रांति दिवस और अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस के मौके पर सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था जनप्रिय भागलपुर, स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग और परिधि भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘शहीद सम्मान यात्रा’ निकाली गई।
यात्रा के साथ ही ‘आजादी उत्सव’ का भी आगाज हुआ। बड़ी संख्या में छात्र, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता यात्रा में शामिल हुए और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों तथा शहीदों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हुई। गांधीजी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का सामूहिक गायन किया गया। इसके बाद गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
इसके बाद निकली शहीद सम्मान यात्रा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख नायकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई।
यात्रा के दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, शहीद भगत सिंह, दीप नारायण, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल और शहीद तिलकामांझी की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
जनप्रिय भागलपुर के गौतम कुमार ने कहा कि ‘आजादी उत्सव’ का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों, गांधीवादी विचारों, सामाजिक समरसता और देश के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
‘शहीद सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति डॉ. मनोज कुमार, स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित रंजन, उमेश प्रसाद नीरज, जनप्रिय भागलपुर के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, गौतम कुमार तथा परिधि भागलपुर के निदेशक उदय एवं ललन कुमार ने किया।
इस अवसर पर डॉ. मनोज मीता, डॉ. सुनील अग्रवाल, डॉ. जयंत जलद, बाबूलाल कुमार पासवान, उज्ज्वल घोष, सुभाष कुमार प्रसाद, सच्चिदानंद किरण, दीपक कुमार, भाष्कर जी, राहुल, डॉ. गौतम कुमार, राजीव कुमार सहित सैकड़ों छात्र, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















